रेली | Namestey India Desk
ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने देशभर के मुस्लिम समुदाय से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने खुले या सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करने और सड़क तथा चौराहों पर नमाज पढ़ने से बचने की सलाह दी है।
मौलाना ने कहा कि कुर्बानी इस्लाम का अहम हिस्सा है और यह हजरत इब्राहीम की सुन्नत की याद में की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास आर्थिक क्षमता है, उनके लिए कुर्बानी जरूरी मानी गई है।
सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी से बचने की अपील
अपने बयान में मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि कुर्बानी खुले स्थानों, सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर न की जाए। उन्होंने लोगों से अपील की कि कुर्बानी अपने घरों या स्लॉटर हाउस में करें और जानवरों के अवशेषों को गड्ढा खोदकर सुरक्षित तरीके से दफन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कुर्बानी की फोटो और वीडियो साझा करने से बचना चाहिए, ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों और समाज में सौहार्द बना रहे।
सड़क पर नमाज को लेकर भी दी सलाह
मौलाना ने सड़क और चौराहों पर नमाज पढ़ने को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक और शोरगुल के बीच इबादत में सुकून और एकाग्रता संभव नहीं होती, इसलिए लोगों को निर्धारित स्थानों पर ही नमाज अदा करनी चाहिए।
उन्होंने परिवार के युवाओं को भी इस विषय में जागरूक करने की अपील की, ताकि समाज में शांति और आपसी भाईचारा बना रहे।
