दिल्ली में एक चलती स्लीपर बस के भीतर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप की वीभत्स घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज मामले पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्र और राज्य की मशीनरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
आतिशी का बीजेपी पर बड़ा हमला
घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आतिशी ने कहा, “दिल्ली सरकार भाजपा की, उपराज्यपाल भाजपा के, गृह मंत्रालय (MHA) भाजपा का, प्रधानमंत्री भाजपा के… अब कौन सा इंजन बचा है जो भाजपा के पास नहीं है? हमारी बेटियों के साथ जो रेप हो रहे हैं, उन पर हिंसा हो रही है, जो बच्चों के साथ हिंसा हो रही है, उसे भाजपा क्यों नहीं रोक सकती?”
उन्होंने पुलिस की प्राथमिकताओं पर भी सवाल खड़े किए और आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था में अपराधियों के मन से कानून का डर खत्म हो चुका है।
क्या है पूरा मामला?
यह दहला देने वाला मामला राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का है, जहां उत्तर प्रदेश की एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर बस के ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा चलती स्लीपर बस के अंदर दुष्कर्म किया गया। पुलिस जांच के मुताबिक, पीड़िता भारी बारिश के बीच रास्ता भटककर ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर फंस गई थी। मदद की उम्मीद में उसने एक खाली दिख रही स्लीपर बस को रुकवाया, जिसके बाद आरोपियों ने उसे नोएडा छोड़ने के बहाने अंदर बैठा लिया।
इसके बाद लगभग 47 किलोमीटर के लंबे सफर के दौरान बस के भीतर इस घृणित अपराध को अंजाम दिया गया और बाद में आरोपी पीड़िता को कश्मीरी गेट इलाके के पास छोड़कर फरार हो गए। हालांकि, त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों (ड्राइवर और कंडक्टर) को गिरफ्तार कर लिया है और बस को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने साल 2012 के निर्भया कांड की यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया है। सार्वजनिक परिवहन और विशेष तौर पर निजी स्लीपर बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नागरिकों और राजनीतिक दलों के बीच भारी रोष देखने को मिल रहा है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर गंभीर प्रशासनिक सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
