उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर आए दिन सियासी पारा बढ़ाते रहते हैं। ताजा मामला गोरखपुर से जुड़ा है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद और अभिनेता रवि किशन के उस बयान पर बवाल मच गया है, जिसमें उन्होंने गोरखपुर की तुलना ‘स्पेन’ से कर दी थी। इस बयान पर समाजवादी पार्टी की नेत्री और पूर्व प्रत्याशी काजल निषाद ने बेहद तीखा और करारा तंज कसा है।
क्या है पूरा विवाद?
हाल ही में गोरखपुर में एक विकास कार्य (कल्याण मंडपम) के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सांसद रवि किशन ने मंच से अपने अंदाज में कहा था कि उन्हें अब गोरखपुर किसी ‘स्पेन’ जैसा अद्भुत और स्मार्ट शहर नजर आता है। उनके इस बयान पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में मंच पर मौजूद नेता और अधिकारी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे। रवि किशन ने आगे यहां तक कह दिया था कि अगर किसी को यह बदलाव नहीं दिखता, तो वह ‘आंख का अंधा’ है।
रवि किशन का यह बयान सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया और विपक्ष को बैठे-बिठाए सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया।
काजल निषाद का करारा जवाब
जब एक पत्रकार ने इस बाबत समाजवादी पार्टी की नेत्री काजल निषाद से सवाल किया कि “रवि किशन कह रहे हैं कि गोरखपुर स्पेन बन गया है,” तो काजल निषाद ने बिना वक्त गंवाए बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया।
काजल निषाद ने तंज कसते हुए कहा, “जो गांजा भर के समोसा खाएंगे, उनके यहां स्पेन ही बनेगा। आप एक बार गोरखपुर घूम लीजिए।”
इसके बाद जब पत्रकार ने कहा कि वह गोरखपुर जरूर आएंगे, तो सपा नेत्री ने हमला जारी रखते हुए कहा कि जब आप यहां आएंगे तो आपको सड़कों पर गड्ढे मिलेंगे, बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था दिखेगी और पिछले कुछ समय में बंद हुए 500 स्कूलों की सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन्हें जमीन पर फैली इन सच्चाइयों का कुछ पता नहीं है, वे सिर्फ “गांजा भर के समोसा खाते हैं और ऊलजुलूल बयान देते हैं”।
सियासत गरमाई
रवि किशन के ‘स्पेन’ वाले बयान और उस पर काजल निषाद के इस चटपटे व तीखे जवाब के बाद से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष गोरखपुर में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों को अपनी बड़ी उपलब्धि बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष स्वास्थ्य, शिक्षा और जमीनी बदहाली के मुद्दों को लेकर सरकार को लगातार कटघरे में खड़ा कर रहा है। आगामी चुनावों से ठीक पहले इस तरह के बयानों ने राजनीतिक सरगर्मी को और तेज कर दिया है।
