लखनऊ, 13 मई 2025 –
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश द्वारा औषधि निरीक्षण प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने हेतु आयुक्त राजेश कुमार ने एक सख्त आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार अब प्रत्येक औषधि विक्रेता को ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940 के अंतर्गत फार्म-35 निरीक्षण पुस्तिका अपने प्रतिष्ठान पर रखना अनिवार्य होगा।
इस पुस्तिका का प्रारूप औषधि निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण के समय प्रयोग किया जाएगा, जिसमें सभी टिप्पणियाँ दर्ज की जाएंगी। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निरीक्षण के बाद पाई गई खामियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और फार्म-35 में की गई प्रविष्टियाँ स्थायी रहेंगी, जिन्हें मिटाया या बदला नहीं जा सकता।
यह आदेश पूर्व में जारी निरीक्षण प्रोटोकॉल (आदेश सं. ड्रग /5846/570 दिनांक 17.02.2020) को और अधिक प्रभावी बनाता है, जिसमें चेकलिस्ट प्रारूप का प्रयोग किया जाना था। अब निरीक्षण के सभी बिंदु फार्म-35 रजिस्टर में ही दर्ज करना अनिवार्य होगा और यदि आवश्यक हो तो अलग से संलग्नक जोड़ा जा सकता है।
आयुक्त ने निर्देशित किया है कि आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे औषधि नियंत्रण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
