आगरा:
उत्तर प्रदेश के आगरा में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के खिलाफ चल रहे एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एक इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर अपना आपा खो दिया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के बजाय इंस्पेक्टर ने अकेले ही भीड़ पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
क्या है पूरा मामला?
शहर में UGC के कुछ प्रावधानों या नीतियों के खिलाफ छात्र और विभिन्न संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रहा था, लेकिन अचानक स्थिति उस वक्त बेकाबू हो गई जब ड्यूटी पर तैनात एक इंस्पेक्टर आक्रामक हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिना उच्च अधिकारियों के स्पष्ट आदेश या स्थिति की नज़ाकत को समझे, उस इंस्पेक्टर ने अकेले ही प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं।
ACP के आदेश को भी किया नजरअंदाज
घटनास्थल पर मौजूद एसीपी (ACP) ने जब इंस्पेक्टर की इस मनमानी हरकत को देखा, तो उन्होंने तुरंत बीच-बचाय करते हुए उन्हें रोकने की कोशिश की। एसीपी लगातार इंस्पेक्टर को समझाते और पीछे हटने का इशारा करते रहे, लेकिन गुस्से में तपे इंस्पेक्टर ने वरिष्ठ अधिकारी के निर्देशों की भी परवाह नहीं की। हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने एसीपी के सामने ही लाठी भांजना जारी रखा।
और उग्र हो गया प्रदर्शन
इंस्पेक्टर के इस आक्रामक और मनमाने रवैये के बाद प्रदर्शनकारी भड़क उठे, जिससे स्थिति संभलने के बजाय और अधिक उग्र हो गई। पुलिसर्किमयों द्वारा इस तरह बल प्रयोग किए जाने से प्रदर्शनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी तेज कर दी।
इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इंस्पेक्टर की मनमानी और एसीपी की बेबसी साफ तौर पर देखी जा सकती है। इस मामले के सामने आने के बाद अब उच्च अधिकारियों द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
