नई दिल्ली:
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद देश की राजनीति गर्मा गई है। इसे छात्रों के देशव्यापी आंदोलन और संघर्ष की बड़ी जीत बताया जा रहा है। इस बीच विपक्षी नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था, जिसकी कभी पूरी दुनिया में तारीफ होती थी, उस पर पिछले कुछ सालों से कब्जा किया जा रहा है। आरोप लगाया गया है कि आरएसएस (RSS) ने दीमक की तरह इस एजुकेशन सिस्टम को खोखला कर दिया है। पूर्व शिक्षा मंत्री को भ्रष्टाचार, अयोग्यता और शिक्षा व्यवस्था की तबाही का प्रतीक करार देते हुए कहा गया कि अच्छा हुआ कि यह प्रतीक हट गया, लेकिन व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को अभी कई कड़े कदम उठाने होंगे।
