नमस्ते इंडिया | विशेष रिपोर्ट
बरेली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक अहम फैसले में बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 4.92 लाख रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है। मामला लग्जरी कार में आग लगने के बाद बीमा क्लेम खारिज किए जाने से जुड़ा था।
जानकारी के अनुसार आंवला थाना क्षेत्र के मोहल्ला जविरया निवासी जीवा हकीम की लग्जरी कार में 19 जून 2024 को अचानक आग लग गई थी। घटना उस समय हुई जब वाहन बीमा अवधि के भीतर था। पीड़ित ने बीमा कंपनी को सूचना दी, जिसके बाद कंपनी अधिकारियों ने वाहन ठीक कराने की सलाह दी।
कार की मरम्मत में करीब ₹8,87,659 खर्च हुए। इसके बाद बीमा कंपनी ने सर्वे कराया, लेकिन 21 नवंबर 2024 को क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी का तर्क था कि वाहन में अलग से हूटर लगवाने के कारण वायरिंग में फॉल्ट हुआ और आग लगी।
इसके बाद जीवा हकीम ने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर बीमा राशि, ब्याज और मानसिक व शारीरिक क्षति के लिए मुआवजे की मांग की। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के द्वितीय अध्यक्ष दीपक कुमार त्रिपाठी और सदस्य दिनेश कुमार गुप्ता ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
आयोग ने फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को ₹4,52,876 की क्लेम राशि सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया। साथ ही ₹30,000 क्षतिपूर्ति और ₹10,000 वाद व्यय देने के निर्देश भी दिए गए। कुल मिलाकर कंपनी को लगभग ₹4.92 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।
उपभोक्ता आयोग के इस फैसले को उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।


