नमस्ते इंडिया | विशेष रिपोर्ट
भोजीपुरा स्थित संजय फार्मास्यूटिकल्स, रहपुरा करीम बख्श पर गैर अनुमोदित दवाओं के निर्माण का गंभीर मामला सामने आने के बाद आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग ने कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग द्वारा फार्मास्यूटिकल कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट निदेशक को भेज दी गई है। साथ ही कंपनी के प्रोपराइटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की भी संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार 12 मई की शाम पुलिस को सूचना मिली थी कि फार्मास्यूटिकल कंपनी की छत पर दवाइयां बनाई जा रही हैं। अगले दिन 13 मई को पुलिस ने इस मामले की जानकारी आयुर्वेदिक चिकित्सा विभाग को दी। इसके बाद आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी राजपुरी नवादा मनोज कुमार और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी अजयपाल सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि कंपनी को केवल पांच दवाइयों के निर्माण की अनुमति प्राप्त थी, लेकिन मौके पर आठ गैर अनुमोदित दवाएं तैयार होती मिलीं। वहीं केवल दो अनुमोदित दवाएं पाई गईं। विभागीय टीम ने गहन जांच के बाद अपनी रिपोर्ट आयुर्वेदिक निदेशक, लखनऊ को भेज दी है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी अजयपाल सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई है। रिपोर्ट के आधार पर फार्मास्यूटिकल कंपनी का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है और प्रोपराइटर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
इस मामले के सामने आने के बाद दवा निर्माण इकाइयों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग अब अन्य इकाइयों की जांच को लेकर भी सतर्क नजर आ रहा है।


