बदायूं, 2 नवंबर 2025:
समाजवादी पार्टी (सपा) में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्पष्ट कहा है कि पार्टी में गुटबाजी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी के तहत सपा के बदायूं जिले के सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया गया है।
शिवपाल यादव ने अपने दो दिवसीय दौरे (2-3 नवंबर) के दौरान यह भी साफ किया कि पार्टी में एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है, और जो लोग गुटबाजी करेंगे, उनकी सपा में कोई जगह नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश कार्यालय ने शिवपाल के दौरे से पहले ही आदेश जारी कर जिलाध्यक्ष को छोड़कर पूरी जिला कार्यकारिणी और सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया था।
इस कदम को ‘मिशन 2027’ के तहत सपा की आंतरिक रणनीति माना जा रहा है, जिसमें पार्टी को ज़मीनी स्तर पर एकजुट करने की कोशिश की जा रही है।
जानकारों का मानना है कि जल्द ही नए और युवा चेहरों को फ्रंटल संगठनों में शामिल किया जाएगा, जबकि गुटबाजी बढ़ाने वाले पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
बदायूं में सपा की गुटबाजी पिछले कुछ समय से चर्चा में थी — लोकसभा चुनाव और निकाय चुनाव के दौरान दो खेमों के बीच खींचतान खुलकर सामने आई थी।
एक गुट सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव के साथ था, तो दूसरा गुट पूर्व मंत्री आबिद रजा के समर्थन में सक्रिय था।
हालांकि, शिवपाल यादव ने लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों गुटों को एक मंच पर लाकर अपने बेटे आदित्य यादव के पक्ष में एकजुट किया, जिसके चलते सीट सपा के खाते में गई थी।
लेकिन चुनाव के बाद गुटबाजी फिर से बढ़ गई, जिसे खत्म करने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
