बदायूं में चाल्डलाइन और पुलिस की सतर्कता से एक 16 वर्षीय किशोर का बाल विवाह रुक गया। चाइल्डलाइन के टोल फ्री नंबर 1098 पर रविवार को सूचना मिली कि थाना दातागंज क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग की शादी होने वाली है।
सूचना मिलते ही चाल्डलाइन के परियोजना समन्वयक कमल शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और बाल कल्याण समिति को जानकारी दी। इसके बाद एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसमें एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना प्रभारी बहादुर सिंह, बाल कल्याण अधिकारी अवधेश पाराशर, वन स्टॉप सेंटर मैनेजर प्रतीक्षा मिश्रा और अन्य अधिकारी शामिल थे।

टीम ने मौके पर पहुंचकर किशोर की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की, जिससे पता चला कि उसकी उम्र करीब 16 साल है। अधिकारियों ने परिवार को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में जानकारी दी और बताया कि 21 साल से कम उम्र में लड़के की शादी कराना कानूनी अपराध है।
परिवार ने माना कि उन्हें कानून की जानकारी नहीं थी। किशोर के पिता ने ग्राम प्रधान शगुफ्ता अंसारी की मौजूदगी में लिखित शपथ पत्र दिया कि वे अपने बेटे की शादी 21 साल की उम्र से पहले नहीं कराएंगे। इस दौरान टीम ने गांव वालों को भी बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया। बाल कल्याण समिति के आदेश पर किशोर को समिति के समक्ष पेश किया जाएगा।
