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BUDAUN : विश्व पर्यावरण दिवस की थीम पर आधारित जागरूकता अभियान: भूमि संरक्षण और सूखा प्रबंधन पर विशेष बल

बदायूँ, 08 अप्रैल 2025:
प्रकृति और पर्यावरण हमारे जीवन का मूल आधार हैं। हवा, पानी, मिट्टी, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी, जीव-जंतु – सभी मिलकर पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं, जो मानव जीवन के लिए आवश्यक है। लेकिन आधुनिक जीवनशैली, बढ़ते औद्योगीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन ने इस संतुलन को बिगाड़ दिया है। ऐसे में पर्यावरण के संरक्षण और इसके महत्व को समझाने के लिए प्रतिवर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1972 में पर्यावरण दिवस मनाने की नींव रखी गई थी, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और वैश्विक प्रयासों को एक मंच पर लाना था। पहला पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को मनाया गया था। तब से लेकर आज तक यह दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है, जिसमें 143 से अधिक देश भाग लेते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस 2024 की थीम है – “Land Restoration, Desertification And Drought Resilience” जिसका उद्देश्य भूमि बहाली, मरुस्थलीकरण की रोकथाम और सूखे से निपटने की रणनीतियों पर केंद्रित है। इस वर्ष ‘हमारी भूमि’ नारे के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे धरती की रक्षा के लिए मिलकर प्रयास करें।

इस थीम के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठन भूमि क्षरण, सूखा और मरुस्थलीकरण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने हेतु टिकाऊ कृषि, वनीकरण, जल प्रबंधन, पुनर्वनीकरण और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष बल दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनेक ठोस कदम उठा रही है। राज्य में अब तक 204.65 करोड़ पौधों का रोपण कर वनावरण में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। भूमि के कटाव को रोकने के लिए मेड़बंदी, बाँध निर्माण, भूमि समतलीकरण, और सघन वृक्षारोपण जैसे कार्य किए जा रहे हैं। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित कर भूमि की गुणवत्ता को बनाए रखने पर बल दिया गया है।

प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक प्रतिबंध, स्वच्छता अभियान, रसोई गैस वितरण, और वैकल्पिक ईंधनों जैसे CNG व इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने जैसे प्रयास भी किए जा रहे हैं ताकि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके।

विश्व पर्यावरण दिवस सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि यह हमें वर्ष भर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार होने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। पर्यावरणीय संकटों से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आकर अपनी भूमिका निभानी होगी।

— संवाददाता

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Author: namesteyindia

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