बदायूं, 08 अप्रैल 2025:
जिलाधिकारी निधि श्रीवास्तव ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में अभियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं को निर्देश दिए कि वे लंबित वादों की प्रभावी पैरवी कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें।
गवाहों से निरंतर संपर्क और प्रभावी पैरवी पर दिया गया जोर
डीएम ने कहा कि दायर मुकदमों की अपेक्षा निस्तारित मामलों की संख्या अधिक होनी चाहिए, जिससे न्याय प्रक्रिया में गति आ सके। इसके लिए अभियोजन अधिकारी गवाहों से सतत संपर्क में रहें और नियमित रूप से अदालत में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के अपराधों से संबंधित वादों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
बैठक में तामिला की स्थिति, गवाहों की उपस्थिति, और प्रक्रियात्मक प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने ई-प्रॉसीक्यूशन पोर्टल पर वादों से संबंधित डाटा की समय से फीडिंग एवं अद्यतन रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने विशेष रूप से महिला अपराधों एवं बाल अपराधों से संबंधित वादों में संवेदनशील रवैया अपनाते हुए, गंभीरता से कार्य करने की सलाह दी। इन मामलों में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अभियोजन अधिकारीगण, गवर्नमेंट डिफेंस काउंसिल (GDC), असिस्टेंट प्रॉसीक्यूशन ऑफिसर्स (APO) सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
— संवाददाता
