बदायूं, 28 अप्रैल 2025:
जिलाधिकारी अवनीश राय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा सभी नागरिकों तक उनकी सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निकायों और ग्राम पंचायत स्तर तक फॉगिंग एवं एंटी लार्वा छिड़काव कार्य को प्रभावी ढंग से कराया जाए, ताकि मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि नियमित टीकाकरण कार्य को गति देते हुए सभी ब्लॉक सात मई तक माइक्रोप्लान को अपडेट करें।
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश, निजी अस्पतालों से लिया जाएगा संस्थागत प्रसव का डाटा-DM
विद्यालयों में छात्राओं के लिए महिला शौचालयों को शीघ्र क्रियाशील कराने का निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) पर कोई भी बच्चा वजन जांच से वंचित न रह जाए और सभी स्थानों पर वजन मशीन उपलब्ध हो।
कुपोषण को समाप्त करने के लिए सभी कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों का सही ढंग से चिन्हांकन कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्रों पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने समीक्षा करते हुए बताया कि जनपद के पांच आकांक्षात्मक ब्लॉक — अम्बियापुर, आसफपुर, कादरचौक, सालारपुर और उसावां में लगभग 20 प्रतिशत प्रसव घरों पर हो रहे हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए उन्होंने सभी निजी अस्पतालों से संस्थागत प्रसवों का डाटा संकलित करने का निर्देश दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बैठक में जानकारी दी कि जनपद का नियमित टीकाकरण प्रतिशत 86.8% है, जो मंडल में प्रथम स्थान पर है, जबकि राज्य का औसत 83.5% है।
उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 11,784 बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। साथ ही जनपद में पांच नए छह बेड के वार्ड भी बनाए गए हैं, जिन्हें संबंधित अस्पतालों को हस्तांतरित कर दिया गया है।
बैठक में ई-कवच, ई-रुपी वाउचर, टीकाकरण कार्यक्रम, वीएचएनडी सत्रों और आकांक्षात्मक ब्लॉकों में किए जा रहे कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केशव कुमार, नगर मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल, सीएमएस पुरुष एवं महिला चिकित्सालय, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि, एमओआईसी सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
