बरेली के मेडीनोवा हॉस्पिटल में जमकर हंगामा हुआ। मरीज के तीमारदारों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टर के साथ मारपीट की। काफी देर तक अस्पताल में हंगामा होता रहा। मौके पर पुलिस पहुंची तब जाकर मामला शांत हुआ। वही इस घटना के बाद IMA ने सख्त निर्णय लिया है कि अब किसी भी झगड़ालू मरीज का इलाज नहीं करेंगे। साथ ही बबाल करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
मेडिनोवा अस्पताल का मामला
दरअसल पीलीभीत निवासी अजीत पटेल और उसका एक साथी सड़क हादसे में घायल हो गया था। परिजन दोनों को लेकर बारादरी थाना क्षेत्र के मेडिनोवा अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल एडमिट कर इलाज शुरू कर दिया। सुबह के वक्त जब बिल जमा करने को कहा गया तो उन लोगों ने बिल देने से इंकार कर दिया। काफी देर तक बातचीत के बाद वो लोग अस्पताल के स्टाफ के साथ मारपीट करने लगे। इतना ही नही तीमारदारों ने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की।
IMA ने दोषियों के खिलाफ की सख्त कार्यवाही की मांग
अस्पताल के डॉक्टर ने घटना की जानकारी पुलिस और आईएमए अध्यक्ष डॉ आरके सिंह को दी। जिसके बाद पुलिस और बड़ी संख्या में डॉक्टर अस्पताल पहुंचे। आईएमए ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से मांग की है कि इस तरह से अस्पताल में मरीजों का इलाज करना मुश्किल हो जाएगा। आईएमए ने हंगामा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।
घटना के बाद मरीज को अस्पताल से किया डिस्चार्ज
घटना के बाद अस्पताल ने मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया और इलाज करने से इनकार कर दिया। जिसके बाद बरेली के किसी भी हॉस्पिटल में दोनों मरीजों को इलाज नहीं मिला। किसी भी अस्पताल ने उन्हें भर्ती नहीं किया। बाद में वे लोग मेडिनोवा अस्पताल पहुंचे और लिखित में माफी मांगी। तब जाकर मरीजों का इलाज फिर से शुरू हुआ।
आईएमए ने की ये मांग
आईएमए अध्यक्ष डॉ आरके सिंह ने कहा कि अगर इस तरह से अस्पतालों में तोड़फोड़ और मारपीट होगी तो हम लोग अस्पताल नहीं चला पाएंगे। इसलिए ये निर्णय लिया गया है कि दबंग किस्म के लोगों का डॉक्टर इलाज नहीं करेंगे।
