बरेली में इस बार गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह 2900 स्थानों पर होलिका दहन होगा और 80 जुलूस निकाले जाएंगे। होली और जुमा एक ही दिन पड़ने के कारण पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।फ्लैग मार्च निकाला गया है और पुलिस की पैनी नजर हर गतिविधि पर रहेगी। ड्रोन और सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी। साथ ही जितनी भी मस्जिदे, दरगाह और मजारे है उन्हें त्रिपाल से ढका जायेगा। ऐसे सभी धार्मिक स्थलों के बहार पुलिस तैनात रहेगी।
होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त
बरेली में होलिका दहन 13 मार्च की रात किया जाएगा। शुभ मुहूर्त रात 11:26 बजे से 12:30 बजे तक रहेगा। इससे पहले भद्रा काल सुबह 10:35 बजे से रात 11:26 बजे तक रहेगा, जिसके दौरान होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है। करीब 150 स्थानों पर रात में ही होलिका दहन संपन्न हो जाएगा, जबकि अन्य स्थानों पर सुबह 4 बजे के आसपास दहन किया जाएगा।
संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों की निगरानी
शहर में 90 संवेदनशील और 20 अति संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं। इन इलाकों में पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी।अति संवेदनशील स्थानों में बानखाना, गुलाबनगर, चाहबाई, साहू गोपी नाथ, मठ की चौकी, मलूकपुर चौराहा, जोगी नवादा, पुराना शहर, कांकर टोला, रोहिली टोला, पीर बहोड़ा, झगड़े वाली मठिया, रिठौरा आदि शामिल हैं।संवेदनशील स्थानों में नृसिंह मंदिर, मलूकपुर चौराहा, बिहारीपुर ढाल, कुतुबखाना घंटाघर, नौवल्टी चौराहा, बरेली कॉलेज गेट, कालीबाड़ी, श्यामगंज चौराहा, शिवाजी मार्ग, बड़ा बाजार, किला चौराहा, सिटी सब्जी मंडी और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थान शामिल हैं। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस की पैदल गश्त बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
होली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बरेली पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है। जिले में पुलिस बल के साथ-साथ अन्य सुरक्षाबलों की भी तैनाती की गई है।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 75 इंस्पेक्टर, 500 सब-इंस्पेक्टर, 500 हेड कांस्टेबल, 1100 कांस्टेबल/महिला कांस्टेबल, 2 कंपनियां PAC, 400 होमगार्ड, 1000 ग्राम प्रहरी और 300 सिविल डिफेंस वॉलंटियर तैनात किए गए हैं।इसके अलावा, 157 क्लस्टर मोबाइल टीमें गठित की गई हैं, जो स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई करेंगी। आकस्मिक स्थितियों से निपटने के लिए 21 रिजर्व QRT (त्वरित कार्रवाई बल) बनाई गई हैं। 2 विशेष दंगा नियंत्रण दल भी तैयार किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करेंगे।
