बरेली, 17 अप्रैल 2025:
थाना कैण्ट व एसओजी टीम #BareillyPolice ने ट्रक चोरी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर फाइनेंस कम्पनियों को चूना लगाने वाले एक संगठित गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गैंग के 5 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए दो ट्रक, फर्जी नम्बर प्लेटें, दस्तावेज और मोबाइल डेटा सहित कई अहम सबूत बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
1. शाकिर उर्फ भूरा मास्टर
2. आरिफ
3. सोहेल
4. सैफउद्दीन
5. ईशाक अली
आपराधिक तरीका:
यह गैंग न सिर्फ ट्रक चोरी करता था, बल्कि फाइनेंस कम्पनियों से क्लेम लेने के लिए कोर्ट से चोरी के झूठे मुकदमे (धारा 156(3), 173(4) के तहत) दर्ज कराता था। फिर आरटीओ में सेटिंग कर फर्जी नम्बर, आरसी, इंश्योरेंस व पूरी फाइल तैयार कर ट्रक को बेच देता था। कुछ ट्रक कबाड़ी को बेच दिए जाते थे, जबकि कुछ की फर्जी फाइल तैयार कर अच्छे दामों पर दोबारा बाजार में बेचा जाता था।
बरामदगी:
ट्रक संख्या UP38T4093 और UP81CT1960
फर्जी नम्बर प्लेट: UP25ET5567, UP63AT4179, UP67AT2485, UP25CT7022
ट्रक चोरी से संबंधित एफआईआर की छायाप्रति
मोबाइल से कई ट्रकों की चोरी के मुकदमों की जानकारी
संगठित गिरोह की भूमिका:
पूरे नेटवर्क में अलग-अलग व्यक्तियों की अलग-अलग भूमिका थी।
ईशाक अली: ट्रक चोरी व फर्जी क्लेम कराने का जिम्मेदार,शाकिर व अनीसउद्दीन: आरटीओ सेटिंग व फर्जी रजिस्ट्रेशन फाइल का कार्य,अदनान, आरिफ, सैफउद्दीन: ट्रक तलाशना और चोरी की योजना बनाना
बाबू (किच्छा): इंजन और चेसिस नम्बर बदलने में माहिर
सोहेल: ट्रक बॉडी और इंजन/चेसिस की वेल्डिंग व मॉडिफिकेशन
फाइनेंस कंपनियों को करोड़ों का नुकसान:
अब तक यह गैंग 50 से अधिक ट्रकों के झूठे मुकदमे कोर्ट से दर्ज करा चुका है और हर ट्रक पर औसतन 15 लाख रुपये क्लेम ले चुका है। इस तरह लगभग 6 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान फाइनेंस कम्पनियों को पहुँचाया गया है।
पुलिस का बयान:
एसपी सिटी ने बताया कि अभियुक्तों के खिलाफ धारा 317(2)/317(4)/318(4)/338/336 (3)/340 (2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
न्यायालय के आदेश से दर्ज मुकदमों की स्थिति (विगत 2 वर्षों में):
कुल मुकदमे: 52
FIR: 20
एक्सपंज: 17आरोप पत्र: 03विवेचनाधीन: 12
निष्कर्ष:
बरेली पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल ट्रक चोरी के बड़े गिरोह को बेनकाब किया है, बल्कि न्यायालय और फाइनेंस कम्पनियों को ठगने वाले नेटवर्क को भी सामने लाया है। इस केस की गहराई से जांच आने वाले समय में कई और खुलासे कर सकती है।
