फतेहगढ़। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम फतेहगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में बिहार निवासी दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कई मोबाइल फोन, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक, नकदी एवं फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
सरिया सप्लाई के नाम पर 10 लाख से अधिक की साइबर ठगी, पुलिस ने मोबाइल, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड और नकदी बरामद की
श्रीमान अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन कानपुर श्री आलोक सिंह के निर्देशन एवं पुलिस महानिरीक्षक कानपुर रेंज श्री हरीश चन्द्र के कुशल पर्यवेक्षण में साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना साइबर क्राइम फतेहगढ़ पर पंजीकृत मु0अ0सं0 03/2026 धारा 318(4) बीएनएस व 66D आईटी एक्ट के तहत विवेचना के दौरान दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कुंदन कुमार पुत्र कमलेशन सिंह निवासी बुढ़नपुर मोबारकपुर बाढ़ जिला पटना बिहार तथा गजेन्द्र सिंह पुत्र भूपेन्द्र सिंह निवासी कोबिल थाना इस्लामपुर जिला नालंदा बिहार के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने सरिया बेचने वाली कंपनी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाया। फतेहगढ़ निवासी महेन्द्रपाल सिंह ने गूगल सर्च के माध्यम से मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी फर्म इनवॉइस व्हाट्सएप पर भेजकर सरिया सप्लाई के नाम पर 10,10,750 रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपी लोगों को लालच देकर उनके बैंक खातों के एटीएम कार्ड प्राप्त कर साइबर ठगी की रकम का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 04 मोबाइल फोन, 13 डेबिट कार्ड, 09 सिम कार्ड, 02 चेकबुक, 01 नोटबुक, 13 हजार रुपये नकद तथा मोबाइल व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट सहित फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2), 319(2), 338 एवं 340(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक जोगेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक सुबोध यादव, हेड कांस्टेबल रविन्द्र प्रताप सिंह, कांस्टेबल अंकित आर्य एवं कांस्टेबल गौरीशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
