पीलीभीत।
उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों को पछाड़ते हुए पीलीभीत ने IGRS जनसुनवाई प्रकरणों के निस्तारण में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह के नेतृत्व और अधिकारियों की प्रतिबद्धता ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में अहम भूमिका निभाई है।
सोमवार को गांधी सभागार में आयोजित विशेष बैठक में डीएम ने इस सफलता पर अधिकारियों को बधाई दी और जनसुनवाई निस्तारण में प्रदर्शित तत्परता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
🔹 तीन तहसीलों ने हासिल किया संयुक्त पहला स्थान
पीलीभीत की तीन तहसीलों ने जिले में जनसुनवाई निस्तारण में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया—
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पूरनपुर तहसील: एसडीएम अजीत प्रताप के नेतृत्व में समयबद्ध निस्तारण से प्रथम स्थान।
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अमरिया तहसील: एसडीएम मयंक गोस्वामी की निगरानी में उत्कृष्ट कार्य, शीर्ष स्थान पर।
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बीसलपुर तहसील: एसडीएम नागेंद्र पांडे की सक्रियता ने तहसील को शीर्ष तीन में शामिल किया।
डीएम ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का लक्ष्य केवल अधिक से अधिक शिकायतें निपटाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता के साथ फरियादी को न्याय दिलाना है।
पूरनपुर, अमरिया और बीसलपुर तहसील संयुक्त रूप से शीर्ष पर, डीएम ने अधिकारियों को दी बधाई
🔹 प्रशासन की संवेदनशीलता और पारदर्शिता का प्रमाण
यह उपलब्धि दर्शाती है कि पीलीभीत प्रशासन जनता की समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील है और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सुशासन को जनता के दरवाजे तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस गति को बनाए रखें और कोई भी वैध शिकायत बिना निस्तारण के न रहे।
