लखनऊ से बड़ी खबर!
पुणे में मुस्लिम महिलाओं के नमाज़ पढ़ने के मामले पर अब मौलाना सूफियान निज़ामी का बड़ा बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा —
“नमाज़ पढ़ना कोई जुर्म नहीं है। सभी धर्मों के लोग सड़कों पर अपने त्योहार मनाते हैं। कभी पार्कों में पूजा होती है, कभी सड़कों पर भंडारे। फिर मुसलमानों के हर काम में सियासत क्यों की जाती है?”
मौलाना ने सवाल उठाया —
“औरतों के नमाज़ पढ़ने पर इतना शोर-शराबा क्यों? हर धर्म को अपनी इबादत का हक़ है।”
इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज़ हो गई है।
सोशल मीडिया पर बयान तेजी से वायरल हो रहा है, कुछ लोग समर्थन में हैं तो कुछ इसे नई बहस का मुद्दा बता रहे हैं।
देखिए पूरी रिपोर्ट —
सिर्फ़ Namestey India News पर।
