पीलीभीत जिले में शासन के विशेष सहयोग और जिलाधिकारी श्री ज्ञानेन्द्र सिंह (आईएएस) के कुशल नेतृत्व में गौसंरक्षण, संवर्धन और स्वावलंबन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। जनपद की देवीपुरा गौशाला में इन दिनों गोबर से बने दीपक, धूप, गौकठ पेंट आदि उत्पादों के निर्माण का कार्य तेजी पर है। आगामी दीपोत्सव को ध्यान में रखते हुए जिले में गोबर से बने दीपकों की बृहद तैयारी जारी है।
सूत्रों के अनुसार, मई 2025 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ने निराश्रित गौवंश संरक्षण और गौशालाओं को स्वावलंबी बनाने को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा। उनके निर्देशन में न केवल गौशालाओं की साज-सज्जा और उपकरणों की व्यवस्था कराई गई, बल्कि स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए।
विश्व हिंदू महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश मंत्री और राज्य गोसेवा आयोग के सदस्य अनुराग शर्मा ने बताया कि देवीपुरा गौशाला की महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गोबर से दीपक बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। जल्द ही ये दीपक बाजारों में बिकने के लिए उपलब्ध होंगे।
अनुराग शर्मा ने यह भी कहा कि दीपोत्सव के शुभ अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ की टीम इन गोबर से बने दीपकों से पूजन करेगी। उन्होंने बताया कि ये सारी उपलब्धियाँ जिला प्रशासन के अभूतपूर्व सहयोग से संभव हुई हैं।
डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में गौशालाओं में मादा गौवंशों को पौष्टिक आहार व मिनरल्स देकर कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया भी चलाई जा रही है ताकि उन्हें दुधारू और आर्थिक रूप से उपयोगी बनाया जा सके। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गरीब पशुपालकों को गौवंश वितरण का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
अनुराग शर्मा ने बताया कि आगामी कुछ महीनों में पीलीभीत जनपद को प्रदेश का मॉडल जिला बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। शासन, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से गौसंरक्षण के साथ आत्मनिर्भर भारत का सपना यहाँ साकार हो रहा है।
