एटा से बड़ी खबर सामने आ रही है। जिलाधिकारी एटा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II डॉ. चमन लाल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से सैकड़ों नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे।
रिपोर्ट आने के बाद कई नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई। इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अदालत में वाद दायर किए। जिसके बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) श्री सत्य प्रकाश के न्यायालय ने सितंबर 2025 में 18 मामलों में ₹6,90,000 का अर्थदंड लगाया।
इनमें इकबाल पुत्र शब्बीर, नीरज जैथी, महीपाल सिंह, दिलशाद, जमुनादास, राजेश कुमार, पवन कुमार, राजवीर सिंह सहित कई व्यापारियों को दोषी पाया गया। सबसे अधिक ₹1 लाख का जुर्माना महीपाल सिंह पर अपमिश्रक और रिफाइंड ऑयल में मिलावट के मामले में लगाया गया।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 91 वादों का निस्तारण कर ₹49,90,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। विभाग ने सितंबर तक 809 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 184 छापे और 250 कानूनी नमूने जांच के लिए भेजे हैं। इनमें से 114 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 370 सर्विलांस नमूने भी जांच हेतु भेजे हैं, जिनमें गड़बड़ी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
