लखनऊ :उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (एफएसएस एक्ट-2006) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सरकार ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से अतिरिक्त वाहनों की मांग की है।
वर्तमान में प्रदेश में 730 प्रवर्तन अधिकारी (75 मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, 75 अभिहित अधिकारी और 580 खाद्य सुरक्षा अधिकारी) कार्यरत हैं। इन्हें पूरे 637 स्थानीय क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन, लाइसेंसिंग-पंजीकरण, कारोबारियों को प्रशिक्षण और आमजन में खाद्य सुरक्षा जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
वाहन की भारी कमी
प्रदेश सरकार के अनुसार, FSSAI के साथ हुए समझौते (MOU) के तहत फिलहाल केवल 93 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं।
लेकिन ज़मीनी स्थिति यह है कि कई ज़िलों में 20-25 तक खाद्य सुरक्षा अधिकारी नियुक्त हैं, जिनके लिए एक वाहन बिल्कुल अपर्याप्त है।
सरकारी सूत्र बताते हैं कि वास्तविक आवश्यकता 261 वाहनों की है – यानी प्रत्येक 3 प्रवर्तन अधिकारियों के लिए कम से कम 1 वाहन।
मांग : 168 अतिरिक्त वाहन
यूपी सरकार ने FSSAI से मांग की है कि मौजूदा 93 वाहनों के अलावा 168 अतिरिक्त वाहन प्रदेश को उपलब्ध कराए जाएं। इस तरह कुल संख्या 281 वाहन हो जाएगी, जिससे प्रवर्तन अभियान में तेजी आ सकेगी।
बजट का प्रस्ताव
वाहनों के लिए वित्तीय प्रस्ताव भी FSSAI को भेजा गया है। प्रति वाहन प्रति माह खर्च : ₹40,000/- ,168 अतिरिक्त वाहनों पर मासिक व्यय : ₹67.20 लाख
इस अतिरिक्त धनराशि की मंज़ूरी से प्रदेश में जनहित में खाद्य सुरक्षा अभियानों को और मज़बूती मिलने की उम्मीद है।
जनता और कारोबारियों को लाभ
अधिकारियों का कहना है कि यदि अतिरिक्त वाहन मिल जाते हैं, तो –
ज़्यादा क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण संभव होगा।
मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।
कारोबारियों को समय पर लाइसेंसिंग और ट्रैनिंग सुविधाएं मिलेंगी।
आम जनता में सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने की गारंटी और जागरूकता अभियान को बल मिलेगा।
यह बड़ी खबर प्रदेश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता और उसकी चुनौतियों को उजागर करती है। अब देखना होगा कि FSSAI इस मांग पर कितनी तेजी से निर्णय लेता है।
