दायूं, 18 जुलाई: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में शिव कुमारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बदायूं ने शुक्रवार को जिला कारागार बदायूं का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 436 क के अंतर्गत ऐसे निरुद्ध बंदियों की जानकारी प्राप्त की, जो अपनी आधी सजा काट चुके हैं और अभी तक रिहा नहीं हुए हैं। उन्होंने अधीक्षक जिला कारागार को ऐसे बंदियों की सूची उपलब्ध कराने तथा उनकी रिहाई की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।
शिव कुमारी ने कारागार की पाकशाला व विभिन्न बैरकों का गहन निरीक्षण किया और स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता, जमानदार व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई और विधिक जागरूकता के लिए प्रेरित किया गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला कैदियों से एक-एक कर बातचीत की और उनके साथ रह रहे छोटे बच्चों के लिए दूध की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी जारी किए।
इस निरीक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कई अधिकारी एवं कारागार प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से चीफ एल0ए0डी0सी0 ब्रह्मानन्दन गौतम, डिप्टी चीफ सत्यवीर सिंह, अस्टिेंट एल0ए0डी0सी0 राकेश कुमार यादव, कशिश सक्सेना, कारापाल रणंजय सिंह, उपकारापाल मो. खालिद, चिकित्साधिकारी डॉ. सारिक हुसैन तथा फार्मासिस्ट आदि सम्मिलित थे।
