पीलीभीत।
अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डूंगराकोटी की अदालत ने अवैध रूप से दवा बेचने के मामले में आरोपी इरफान अली को तीन साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई औषधि विभाग को पोर्टल के माध्यम से मिली शिकायत के आधार पर वर्ष 2019 में शुरू हुई थी।
करीब पांच वर्ष पूर्व बरखेड़ा क्षेत्र के ग्राम दौलतपुर में बिना लाइसेंस के दवा विक्रय की शिकायत तत्कालीन औषधि निरीक्षक को प्राप्त हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक आयुक्त (औषधि), बरेली मंडल के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित कर 16 अगस्त 2019 को छापेमारी की गई। मौके पर इरफान अली को बिना वैध लाइसेंस के दवा विक्रय करते हुए पकड़ा गया।
इस पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर न्यायालय में वाद दायर किया गया। वाद की प्रभावी पैरवी वर्तमान में तैनात तेजतर्रार महिला औषधि निरीक्षक नेहा वैश और सरकारी अधिवक्ता नंदन गंगवार द्वारा की गई। कई वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 22 मई 2025 को न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई।
औषधि विभाग के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। ज्ञात हो कि औषधि निरीक्षक नेहा वैश द्वारा पूर्व में भी कई कुख्यात अवैध दवा कारोबारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा चुकी है, जिससे जनपद में अवैध दवा व्यापारियों के बीच भय का माहौल है।
