बदायूं, 28 अप्रैल 2025:
जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार-तृतीय के नेतृत्व में आगामी 10 मई 2025 को जनपद न्यायालय परिसर, बदायूं में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, शिव कुमारी ने बताया कि लोक अदालत का शुभारंभ पूर्वाह्न 10:00 बजे से होगा।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकार आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अपने विवादों का निस्तारण कर सकते हैं। लोक अदालत में वाद निस्तारण हेतु किसी प्रकार का शुल्क देय नहीं है। साथ ही सिविल प्रकृति के लंबित मामलों में समझौते के आधार पर निस्तारण होने पर न्याय शुल्क की वापसी की भी व्यवस्था है।
शिव कुमारी ने कहा कि लोक अदालत की प्रक्रिया सहज, सरल और आपसी समझौते पर आधारित होती है, जिसमें किसी प्रकार की कानूनी जटिलता नहीं होती। लोक अदालत में निस्तारित वादों के विरुद्ध कोई अपील भी मान्य नहीं होती, जिससे पक्षकारों को शीघ्र न्याय मिलता है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में निम्नलिखित प्रकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा:
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सिविल प्रकृति के वाद
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अपराधिक शमनीय वाद
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राजस्व वाद
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धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम से संबंधित वाद
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बैंक वसूली वाद
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मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं
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पारिवारिक विवाद
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श्रम वाद
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भूमि अधिग्रहण से जुड़े वाद
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विद्युत, जलकर एवं दूरसंचार बिल से जुड़े विवाद
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विधवा एवं विकलांग पेंशन योजना संबंधी मामले
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वाद पूर्व सुनवाई (प्री-लिटिगेशन) स्तर पर विवादों का निस्तारण
उन्होंने बताया कि वे विवाद भी निस्तारित किए जाएंगे जो अभी तक न्यायालय में दर्ज नहीं हुए हैं, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही समाधान हो सके।
अपील:
शिव कुमारी ने जनपद के सभी नागरिकों और वादकारियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 10 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने-अपने वादों का निस्तारण कराएं और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करें।
