बदायूं, 22 अप्रैल: जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय के निर्देश पर कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति तथा मिशन शक्ति अंब्रेला स्कीम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की त्रैमासिक बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार ने की।
“बाल अधिकारों की सुरक्षा, समन्वय से समाधान की दिशा”
बैठक में मिशन वात्सल्य योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना कोविड अंतर्गत 97 बच्चों, सामान्य योजना के अंतर्गत 359 बच्चों और पीएम केयर योजना में 03 बच्चों को लाभ मिल रहा है। स्पॉन्सरशिप स्कीम में अब तक 324 बच्चों को स्वीकृति दी गई है और 06 बच्चे दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में हैं। अब तक जनपद में 27 बाल विवाह रोके जा चुके हैं।
अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की कोई घटना न हो, इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर ठोस रणनीति तैयार की जाए। साथ ही, जनपद में बाल विवाह रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबरों—जैसे कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम, जिला प्रोबेशन अधिकारी का CUG नंबर व अन्य टोल फ्री नंबरों—को वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किया जाए।
बैठक में यह भी बताया गया कि वर्तमान में वन स्टॉप सेंटर जिला महिला अस्पताल में संचालित है, जबकि जिला पुरुष चिकित्सालय में एक स्थायी वन स्टॉप सेंटर लगभग तैयार हो चुका है। मिशन शक्ति की दो प्रमुख उप योजनाएं—‘संबल’ और ‘सामर्थ’—के कार्यान्वयन पर भी चर्चा की गई।
वन स्टॉप सेंटर में पीड़ितों के लिए बेहतर भोजन, 5 दिन से अधिक रुकने की व्यवस्था, किराए पर वाहन उपलब्धता सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वीमेन हेल्पलाइन 181 पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु भी वन स्टॉप सेंटर के कर्मियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट सूरजपाल, नंदकिशोर पाठक, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला दिव्यांगजन कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक आयुक्त, सहायक श्रमायुक्त सहित कई समिति सदस्य उपस्थित रहे।
