लखनऊ, लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी (सपा) और इसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें “आधा सच बताने की बीमारी से ग्रस्त” बताया है।
कांशीराम और नेताजी की पुरानी सियासी साझेदारी पर बयान
भाजपा की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 1991 के लोकसभा चुनाव में अगर मुलायम सिंह यादव (नेताजी) को कांशीराम ने इटावा में मदद की थी, तो बसपा ने भी जसवंतनगर से उम्मीदवार न उतारकर नेताजी को जिताने में सीधी मदद की थी। लेकिन, भाजपा के अनुसार, इस सियासी समझदारी से बड़ा सपा का “काला सच” है, जो दलित समाज कभी नहीं भूलेगा।
2 जून 1995 के स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र
भाजपा ने सपा पर सबसे बड़ा आरोप 2 जून 1995 की घटना को लेकर लगाया, जब लखनऊ के स्टेट गेस्टहाउस में बसपा प्रमुख मायावती पर जानलेवा हमला और अभद्रता हुई थी। भाजपा का कहना है कि “सपा के गुंडों” ने बहन मायावती की आबरू लूटने और हत्या की कोशिश की, लेकिन भाजपा ने मौके पर पहुंचकर बहन जी की जान और सम्मान दोनों की रक्षा की।
अखिलेश यादव पर निशाना
भाजपा ने अखिलेश यादव पर सीधा हमला करते हुए कहा, “आज भी श्री अखिलेश यादव अपने पालतू गुंडों की फौज पर इतराते हैं।” बयान में कहा गया कि सपा पिछड़ों, दलितों और वंचितों की सबसे बड़ी दुश्मन है, और सिर्फ सत्ता के लिए इन वर्गों का इस्तेमाल करती है।
राजनीतिक गलियारों में गर्मी
इस बयान से राजनीतिक गलियारों में गर्मी बढ़ गई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सपा की ओर से इस तीखे हमले का जवाब कब और कैसे दिया जाएगा।
