बरेली में मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार शाम आई तेज आंधी ने गेहूं की कटाई और मढ़ाई के कार्य को बाधित कर दिया। हालांकि गनीमत रही कि बारिश नहीं हुई, जिससे अभी तक फसल को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। आंधी से आम के बौर झड़ने और कुछ पेड़ों की डालियाँ टूटने की सूचना मिली है।
जिले में करीब 30 प्रतिशत गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 70 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में खड़ी है। बीते सप्ताह तक मौसम पूरी तरह अनुकूल था और किसान तेज़ी से कटाई-मढ़ाई के काम में जुटे हुए थे। लेकिन अचानक आए मौसम के इस बदलाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया है।
ठंडी हवाओं से पारा गिरा, लेकिन फसल पर मंडरा रहा खतरा
तेज हवाओं के चलते तापमान में लगभग आठ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे आम जनजीवन को तो राहत मिली, लेकिन खेतों में खड़ी फसलों पर खतरा मंडराने लगा। कृषि विभाग के अनुसार, अगर आगामी दिनों में बारिश होती है तो फसल को नुकसान हो सकता है। मौसम विभाग ने भी अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की चेतावनी दी है।
फसल क्षति पर करें रिपोर्ट, मिलेगा बीमा का लाभ
उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह ने किसानों से अपील की है कि यदि किसी किसान की फसल को नुकसान होता है, तो वह तुरंत टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके सूचना दें। साथ ही वे कृषि विभाग कार्यालय में भी लिखित सूचना देकर फसल बीमा योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगर कटाई के बाद फसल खेत में पड़ी हो और 14 दिनों के भीतर क्षति हो, तो भी योजना के अंतर्गत दावा किया जा सकता है।
आम की फसल को हल्का नुकसान
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि आंधी के कारण कुछ स्थानों पर आम के पेड़ों की डालियाँ जरूर टूटी हैं, लेकिन चूंकि फल अभी छोटे हैं, इसलिए बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।
किसानों को अब मौसम के अगले दो दिनों पर नजर बनाए रखनी होगी, ताकि फसल को संभावित नुकसान से बचाया जा सके
