उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक और बड़ा झटका—चिल्लूपार से पूर्व विधायक और बाहुबली नेता हरिशंकर तिवारी के बेटे विनय शंकर तिवारी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ व्यवसायिक साझेदार अजीत पांडेय को भी ईडी ने हिरासत में लिया है।
क्या है पूरा मामला?
विनय शंकर तिवारी और अजीत पांडे पर आरोप है कि उन्होंने गंगोत्री इंटरप्राइजेस लिमिटेड नाम की कंपनी के जरिए बैंकों के कंसोर्टियम से 1129.44 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। इस घोटाले की शुरुआत बैंकों की शिकायत के बाद सीबीआई जांच से हुई, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया।
2023 में जब्त हुई थीं 72 करोड़ की संपत्तियां
नवंबर 2023 में ईडी ने तिवारी की करीब 72.08 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं। अब साक्ष्यों के आधार पर दोनों की गिरफ्तारी की गई है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस गिरफ्तारी से पूर्वांचल की राजनीति में हलचल मच गई है। तिवारी परिवार लंबे समय से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावशाली रहा है। विनय शंकर पहले बसपा और फिर सपा से चिल्लूपार विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं।
ईडी कर रही गहन पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद ईडी दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बैंकिंग ट्रांजैक्शनों, फर्जी दस्तावेजों और मनी फ्लो की जांच तेज हो गई है। आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
