लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शासन ने 4 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है, जबकि 3 सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन से वसूली का आदेश जारी किया गया है।
यह जानकारी राज्य के मंत्री असीम अरुण (Asim Arun) ने दी। उन्होंने कहा —
“भ्रष्टाचार में लिप्त कोई भी अधिकारी बख्शा नहीं जाएगा। सरकार की नीति स्पष्ट है — ईमानदार शासन और जवाबदेही।”
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई उन अधिकारियों के खिलाफ हुई है जो विभागीय जांच में दोषी पाए गए और जिन पर लाभ के बदले पद के दुरुपयोग और अनियमितताओं के गंभीर आरोप थे।
माना जा रहा है कि यह फैसला मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर “Zero Tolerance Policy Against Corruption” के तहत लिया गया है।
राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और बड़े एक्शन हो सकते हैं।
असीम अरुण ने कहा कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और हर भ्रष्ट अधिकारी पर कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और इसे “Operation Clean Governance – UP Chapter” का हिस्सा बताया जा रहा है।
