पूर्णिया (बिहार):
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) के एक बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा,
“निर्दलीय सांसद बनना भगवान के बाप की भी औकात नहीं है।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
जनसुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि “इस तरह की भाषा लोकतंत्र की नहीं, बल्कि अहंकार की पहचान है। नेताओं को शब्दों की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।”
🗣️ विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने पप्पू यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता के प्रतिनिधि होने के नाते उन्हें संयमित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए।
कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए बयान की निंदा की और कहा कि “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब अपमानजनक टिप्पणी नहीं होता।”
⚖️ सोशल मीडिया पर बहस
पप्पू यादव का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कुछ लोग इसे “साहसिक बयान” बता रहे हैं, जबकि अधिकांश यूजर्स इसे “अहंकार और असंवेदनशीलता” करार दे रहे हैं।
#PappuYadav और #BiharPolitics ट्रेंड कर रहे हैं।
🏛️ पप्पू यादव की सफाई
हालांकि, पप्पू यादव ने बाद में कहा कि उनके बयान को तोड़ा-मरोड़ा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मतलब यह था कि “निर्दलीय राजनीति कठिन होती है, और उसके लिए किसी ईश्वरीय शक्ति से भी अधिक मेहनत लगती है।”

