बरेली, 28 अप्रैल 2025 —
देशभर में पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा की अवधि समाप्त होने के साथ भारत से उनकी वापसी का सिलसिला शुरू हो गया है। इसी बीच बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है — पाकिस्तानी महिला शुमायला खान, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी स्कूल में सहायक अध्यापक बनी थी, बीते तीन महीने से फरार है।
तीन महीने से जारी तलाश, अभी तक खाली हाथ पुलिस
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फतेहगंज पश्चिमी थाने में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से शुमायला खान के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी।
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पुलिस ने बरेली से लेकर रामपुर तक कई दबिशें दीं, लेकिन अब तक शुमायला का कोई सुराग नहीं मिला।
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एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा के अनुसार, एक विशेष टीम रामपुर में लगातार तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
कौन है शुमायला खान? जानिए पूरा मामला
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शुमायला खान ने वर्ष 2015 में प्राथमिक विद्यालय माधौपुर (फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र, बरेली) में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति ली थी।
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दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि उसने पाकिस्तानी नागरिक होते हुए भी भारतीय निवास प्रमाण पत्र बनवाया था।
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एसडीएम सदर, रामपुर कार्यालय से जारी कूटरचित प्रमाण पत्र के जरिये उसने नौकरी हासिल की थी।
कैसे हुआ खुलासा?
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तहसीलदार सदर, रामपुर की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि शुमायला ने गलत जानकारी देकर प्रमाण पत्र बनवाया था।
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शिक्षा विभाग ने कई बार उससे स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन हर बार फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।
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आखिरकार, 3 अक्टूबर 2024 को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने उसे निलंबित कर दिया और बाद में नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया गया।
आरोप क्या हैं?
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फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी नौकरी प्राप्त करना।
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भारतीय नागरिकता और पते के संबंध में तथ्य छुपाना।
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कूटरचित प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना।
पुलिस का बयान:
“शुमायला खान की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” — एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा
