बदायूं, 31 मई 2025: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं के तत्वावधान में शनिवार को जिला पुरुष चिकित्सालय में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। अपर जिला न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं, श्रीमती शिव कुमारी ने रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्हें उप मुख्य चिकित्साधिकारी, बदायूं, डॉ. जावेद हुसैन और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला पुरुष चिकित्सालय, डॉ. कप्तान सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।
शिविर में फिजिशियन डॉ. हिरा आलम ने तंबाकू और गुटखा से होने वाली गंभीर बीमारियों, वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. आरती सक्सेना ने तंबाकू से होने वाले कैंसर और अन्य घातक रोगों, और उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद हुसैन ने तंबाकू उत्पादों व धूम्रपान से होने वाली प्राणघातक बीमारियों, उनके लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया।
असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल, कशिश सक्सेना ने तीन नए कानूनों, घरेलू हिंसा से संबंधित धारा-12, और पात्र महिलाओं व बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने की जानकारी दी। साथ ही, नालसा योजनाओं और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से संबंधित जानकारी प्रदान की।
श्रीमती शिव कुमारी ने अपने संबोधन में तंबाकू से होने वाली गंभीर बीमारियों जैसे मुंह और गले के कैंसर के खतरों पर जोर देते हुए लोगों से इसका सेवन न करने की अपील की। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं, महिलाओं के अधिकारों के उल्लंघन पर शिकायत दर्ज करने, और एसिड हमला, बलात्कार, अपहरण, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न जैसे अपराधों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। साथ ही, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम, नालसा टोल-फ्री नंबर 15100, और राज्य सरकार के टोल-फ्री नंबर 1076, 112, 1090 की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि 13 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलह-समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण किया जा सकता है। साथ ही, मध्यस्थता केंद्र के माध्यम से सूक्ष्म और लघु प्रकृति के मामलों का निपटारा संभव है। महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए सैद्धांतिक और व्यवहारिक ज्ञान की आवश्यकता पर जोर देते हुए, उन्होंने बेटियों के साथ मित्रवत व्यवहार की सलाह दी ताकि वे अपनी समस्याएं बेझिझक साझा कर सकें।
शिविर में उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जावेद हुसैन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कप्तान सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सनोज मिश्रा, वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीता सक्सेना, फिजिशियन डॉ. स्वतंत्रपाल सिंह, पीएमडब्ल्यू मौ. इलयास, परामर्शदाता पवन कुमार सहित अन्य मौजूद रहे। कार्यक्रम अध्यक्ष की अनुमति से शिविर का समापन हुआ।
