बदायूं, 07 मई — जल जीवन मिशन ग्रामीण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री केशव कुमार ने कहा कि मिशन के सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिसंबर 2026 तक लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए।
यह समीक्षा बैठक जिलाधिकारी श्री अवनीश राय के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें मिशन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता, और चुनौतियों पर चर्चा हुई।
857 ओवरहेड टैंक में से 303 पूर्ण
बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद बदायूं में जल जीवन मिशन के तहत 857 ओवरहेड टैंक निर्माण की योजना है, जिनमें से अब तक 303 टैंक पूर्ण हो चुके हैं। 1444 राजस्व ग्रामों में से 791 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति प्रारंभ हो चुकी है।
ऊर्जा स्रोत: सौर व विद्युत
जल परियोजनाओं के संचालन के लिए 29 पूर्ववर्ती योजनाएं विद्युत आधारित हैं, जबकि 828 नई योजनाएं सोलर व जनरेटर के माध्यम से संचालित की जाएंगी। अब तक 151 परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं।
‘हर घर जल’ का प्रमाणीकरण
‘हर घर जल’ योजना के अंतर्गत 384 ग्रामों का प्रमाणीकरण कराया जा चुका है, जो कि योजना की सफलता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रशिक्षित महिला परीक्षण टीम और टेस्ट किट
प्रत्येक ग्राम में 5 महिलाओं को जल परीक्षण हेतु प्रशिक्षित किया गया है। उन्हें फील्ड टेस्ट किट (FTK) उपलब्ध कराई गई है, जिससे 100 सैंपल की जांच संभव है। प्रत्येक माह 20 सैंपल जांचे जाने हैं, और एक किट औसतन 5 महीने तक उपयोग में लाई जा सकती है।
पेयजल की शुद्धता की जांच हेतु लैब की स्थापना
CDO ने बताया कि जनपद स्तर पर जल जीवन मिशन ग्रामीण के कार्यालय में एनएबीएल से एक्रेडिटेड लैब की स्थापना की गई है, जहां नियमित रूप से पेयजल की शुद्धता की जांच की जा रही है।
बिजली लाइन शिफ्टिंग का निर्देश
बैठक में उच्च वोल्टेज विद्युत लाइन की शिफ्टिंग का मुद्दा भी उठा, जिस पर अधिशासी अभियंता विद्युत खंड प्रथम को 24 मई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
पीएनसी इंफ्रा करेगी 10 वर्षों तक संचालन
बैठक में यह भी बताया गया कि कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्रा आगामी 10 वर्षों तक संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) का कार्य करेगी, जिससे योजना की दीर्घकालिक स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।
उपस्थित अधिकारीगण
इस समीक्षा बैठक में एडीएम प्रशासन, अधिशासी अभियंता जल जीवन मिशन ग्रामीण व नगरीय, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि, तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
