नई दिल्ली। हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए चार पाकिस्तानी महिलाओं को देश से वापस भेजने का फैसला लिया है। ये महिलाएं विजिटर वीजा पर भारत आई थीं और यहां अपने रिश्तेदारों के पास रह रही थीं।
LIU (स्थानीय खुफिया इकाई) की रिपोर्ट में संदिग्ध गतिविधियों की आशंका जताई गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि ये सभी महिलाएं बाघा-अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भेजी गईं हैं।
कार्यवाही के मुख्य बिंदु:
हालिया आतंकी घटना के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा सतर्कता।
पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे में भारत छोड़ने का निर्देश।
पांच में से चार महिलाएं रिपोर्ट के आधार पर तुरंत डिपोर्ट की गईं।
सभी महिलाएं भारत में अपने रिश्तेदारों के घर पर ठहरी हुई थीं।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि देश की आंतरिक सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। संदिग्ध या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में वीजा धारकों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि:
यह कार्रवाई यह स्पष्ट संकेत देती है कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता में सबसे ऊपर है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।
